अयोध्या। मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में वह क्षण आया जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिजीत मुहूर्त में मंदिर के मुख्य शिखर पर केसरिया धर्मध्वज स्थापित किया। यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण की आधिकारिक पूर्णता का धार्मिक प्रतीक माना जा रहा है, जिसके लिए सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठान संपन्न किए गए।

करीब 20 से 22 फीट ऊँचे इस त्रिकोणीय ध्वज पर सूर्य, ‘ॐ’ और कोविडर वृक्ष के प्रतीक अंकित हैं। इन्हें क्रमशः भगवान राम के सूर्यवंश, सनातन परंपरा और समृद्धि-शक्ति के चिह्न के रूप में देखा जा रहा है। ध्वजा फहराते ही पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बन रहा था।

समारोह में प्रधानमंत्री के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संत-महंत और देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। अयोध्या शहर में सुरक्षा के सघन प्रबंध किए गए, जिसमें मुख्य मार्गों से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस और प्रशासन की तैनाती रही।

ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री ने गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और मंदिर के नवनिर्मित प्रांगणों तथा विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे भारतीय आस्था, परंपरा और सदियों के संघर्ष का महत्वपूर्ण प्रतीक बताते हुए कहा कि यह दिन रामनगरी के स्वर्णिम अध्याय में जुड़ गया है।
इस ऐतिहासिक आयोजन के बाद अयोध्या में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही।

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