आगरा। अंधविश्वास, डर और शोषण से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला जगदीशपुरा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां खुद को तांत्रिक बताने वाले एक व्यक्ति ने नाबालिग लड़की और उसके परिवार को तंत्र-विद्या के नाम पर ऐसा जाल में फँसाया कि मामला ब्लैकमेलिंग और आपराधिक शोषण तक पहुँच गया। घटना अमरपुरा स्थित भैरों मंदिर के पास की बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार आरोपी तांत्रिक ने बच्ची की तबीयत बिगड़ने को ‘अनिष्ट साया’ और ‘जिन्न का प्रभाव’ बताकर उन्हें मानसिक रूप से डरा दिया। परिवार भय और भ्रम में पड़कर तथाकथित ‘उपचार प्रक्रिया’ के लिए राजी हो गया। इसी बहाने लड़की को मंदिर परिसर के भीतर एक कमरे में बुलाया गया, जहां आरोपी की महिला सहयोगी ने उसे झांसा देकर कपड़े उतरवाए और पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर ली।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रिकॉर्ड किया गया वीडियो बाद में दबाव बनाने और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल किया गया। पीड़िता से अशोभनीय हरकतें किए जाने के साथ-साथ परिवार से लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। जब परिजनों ने विरोध दर्ज कराया तो आरोपी ने खुद को सरकारी अधिकारी और प्रभावशाली व्यक्ति बताकर धमकाना शुरू कर दिया।
मामले के उजागर होने पर परिजनों ने साहस जुटाकर जगदीशपुरा थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपों को गंभीर मानते हुए तांत्रिक, महिला सहयोगी और अन्य सह आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट, धोखाधड़ी, धमकी एवं ब्लैकमेलिंग जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटनाक्रम इस बात की सख्त याद दिलाता है कि अंधविश्वास और भय का सहारा लेकर कुछ लोग कमजोर व आशंकित परिवारों का शोषण कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता और कानूनी हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि समाज में फैले झूठे तांत्रिकों और ठग प्रवृत्ति पर लगाम लग सके।
पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर मेडिकल व साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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