लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में 4 लाख 32 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटे पाए गए हैं।
चुनाव विभाग के अनुसार यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से की गई है। मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर समेत कुल सात विधानसभा क्षेत्रों में यह कटौती सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले इन क्षेत्रों में कुल 26.42 लाख मतदाता दर्ज थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर करीब 22.10 लाख रह गई।
निर्वाचन अधिकारियों ने कहा है कि यह अस्थायी सूची है और किसी भी मतदाता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जिन नागरिकों के नाम सूची में नहीं मिल रहे हैं, वे फार्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने, फार्म-7 से आपत्ति दर्ज कराने और फार्म-8 से विवरण में सुधार करा सकते हैं।
इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों की मदद से गांव-गांव और शहरों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अब तक हजारों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी वैध आवेदनों के निस्तारण के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रह जाए।

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