लखनऊ, 06 जनवरी 2026। नए वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने राजस्व संरचना को सरल बनाने और निवेश अनुकूल वातावरण मजबूत करने को लेकर कई अहम नीतिगत निर्णय लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन, लखनऊ में हुई इस कैबिनेट बैठक में विभागवार प्रस्तुतिकरण के बाद प्रमुख प्रस्तावों पर सहमति बनाई गई।
राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, अब परिवार के सदस्यों के बीच आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति गिफ्ट किए जाने पर देय स्टांप शुल्क की ऊपरी सीमा पाँच हजार रुपये निर्धारित की जाएगी। राज्य सरकार का तर्क है कि इससे पारिवारिक उत्तराधिकार, संयुक्त स्वामित्व और छोटे उद्यमों के हस्तांतरण को राहत मिलेगी।
बैठक में औद्योगिक विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, सेमीकंडक्टर आधारित इकाइयों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर से संबंधित परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। संबंधित विभागों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन रोडमैप और निवेश सहायता तंत्र को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
शहरी ढाँचे, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण से जुड़े कुछ नीतिगत संशोधनों को भी मंजूरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृत प्रस्ताव पारदर्शिता, निवेश वृद्धि और रोजगार सृजन की दिशा में राज्य को मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
