लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इसकी मजबूती के बिना विकास की कल्पना अधूरी है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास का सेतु है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तभी संभव है, जब नागरिक शासन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं की सफलता जनता की सहभागिता पर निर्भर करती है। पारदर्शिता और जवाबदेही को उन्होंने सुशासन की आधारशिला बताया।
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें। उन्होंने कहा कि जागरूक युवा ही देश को नई दिशा दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके लिए मजबूत लोकतंत्र और जिम्मेदार नागरिक दोनों आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य को वर्तमान समय में लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला संदेश माना जा रहा है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इसे सुशासन की दिशा में एक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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