मुज़फ्फरनगर। आवास विकास परिषद द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण सर्वे को लेकर शेरनगर क्षेत्र में किसानों का विरोध तेज हो गया है। रविवार को आयोजित पंचायत में छह गाँवों—शेरनगर, बिलासपुर, कूकड़ा, धंधेड़ा, अलमासपुर और सरवट—के किसानों ने एकजुट होकर सर्वे का विरोध किया और सर्वे टीम को गाँव से लौटा दिया। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी परियोजना के लिए नहीं देंगे।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित परियोजना के लिए लगभग 4200 बीघा भूमि चिन्हित किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि इस आंकड़े पर सरकारी स्तर पर कोई औपचारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है, लेकिन किसानों का कहना है कि इतनी बड़ी जमीन उनके जीवन और आजीविका पर सीधा प्रभाव डालेगी। कई ग्रामीणों ने इसे “रेंट-पूलिंग” की कोशिश बताते हुए अस्वीकार किया।
पंचायत में किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिना सहमति दोबारा सर्वे कराया गया, तो व्यापक आंदोलन होगा। उधर, प्रशासन स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है और शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास कर रहा है।
