नई दिल्ली / लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली प्रवास ने प्रदेश की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बैठक लगभग पचास मिनट तक चली, जिसमें राज्य से जुड़े कई प्रशासनिक व राजनीतिक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में स्थापित रामलला की प्रतिमा की प्रतिकृति भेंट की, जिसे प्रतीकात्मक संबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। मुलाकात के बाद भाजपा के केंद्रीय नेताओं से भी योगी आदित्यनाथ के अलग-अलग दौर की बैठकें होने की जानकारी सामने आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बैठकों का सीधा संबंध संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बड़े फेरबदल से जुड़ा हो सकता है। चर्चा है कि सरकार क्षेत्रीय, जातीय और युवा प्रतिनिधित्व को और संतुलित करने के लिए नए चेहरों को मौका दे सकती है। कुछ वरिष्ठ नेताओं के विभाग बदले जाने की अटकलें भी तेज हैं।
वर्तमान में योगी सरकार का मंत्रिमंडल संवैधानिक सीमा के करीब माना जा रहा है, ऐसे में विस्तार को आगामी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने अभी तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलाव की काउंटडाउन जैसा माहौल बना हुआ है।

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