लखनऊ। जानकीपुरम क्षेत्र में 74 वर्षीय नीलिमा श्रीवास्तव की हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया कि घर में पूजा-पाठ करने आने वाला पुजारी जतिन्द्र मिश्रा (महौना, इटौंजा निवासी) ही हत्या का मुख्य आरोपी है।
जांच में सामने आया कि पुजारी को चोरी के लिए घर के दो नौकर—दीपक उर्फ़ दीपू और सुशील कुमार—ने उकसाया था। पुजारी चोरी की नीयत से अलमारी खंगाल रहा था, तभी नीलिमा ने उसे देख लिया। पकड़े जाने के डर से आरोपी ने महिला को धक्का देकर गिराया और गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कपड़ों, फॉरेंसिक सैंपल और चोरी के सामान को अहम सबूत बताया है। मृतका लंबे समय से अकेली रहती थीं और घरेलू कार्यों के लिए बाहरी लोगों पर निर्भर थीं।
पुलिस अब नौकरों की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है और दोनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी है। इस घटना से शहर में सुरक्षा और घरेलू स्टाफ की जांच-परख पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
