मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक नया कूटनीतिक टकराव उभर आया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने प्रेस ब्रीफिंग में आरोप लगाया कि 28–29 दिसंबर की रात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सरकारी आवास के आसपास कथित रूप से दर्जनों लंबी दूरी वाले ड्रोन देखे गए, जिन्हें रूसी एयर-डिफेंस सिस्टम ने समय रहते मार गिराया। लावरोव के अनुसार यह “संगठित और सोची-समझी कार्रवाई” थी, जिसका मकसद रूस के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना था।
रूसी सुरक्षा संस्थाओं ने घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए जांच शुरू कर दी है। मॉस्को का कहना है कि ऐसी कोशिशें शांति वार्ता के वातावरण को प्रभावित करती हैं और रूस को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करती हैं। हालांकि रूसी पक्ष ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित ड्रोन किस दूरी तक आवासीय क्षेत्र के करीब पहुँचे थे।
दूसरी ओर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के आरोपों को “साफ-साफ झूठ” करार देते हुए कहा कि मॉस्को दुनिया के सामने सहानुभूति पाने और सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए ऐसी कहानियाँ गढ़ रहा है। जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन शांति-वार्ता को कमजोर करने वाली किसी भी कार्रवाई में शामिल नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद के बाद दोनों देशों के बीच संवाद और कठिन हो सकता है। घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक मोर्चे पर तनाव स्पष्ट रूप से बढ़ता दिखाई दे रहा है।
