कानपुर के पनकी औद्योगिक क्षेत्र से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई, जहां एक किराए के कमरे में चार मजदूर मृत पाए गए। मजदूर बुधवार देर रात ड्यूटी से लौटकर सो गए थे, लेकिन सुबह जब साथी उन्हें उठाने पहुंचे तो कमरा भीतर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, जहां सभी चारों को बेसुध अवस्था में पाया गया।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, मजदूरों ने सर्दी से बचने के लिए कमरे में कोयला जलाया था। कमरे में वेंटिलेशन न होने और दरवाजे-खिड़कियां बंद होने के कारण धीरे-धीरे जहरीली गैस का स्तर बढ़ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तेजी से शरीर में पहुंचकर व्यक्ति को नींद में ही बेहोश कर देती है और कुछ ही समय में दम घुटने से मौत हो जाती है।
मृतक मजदूर देवरिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो पास की एक फैक्ट्री में काम करते थे। घटना स्थल पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने पूरी घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह हादसा सर्दियों में बंद कमरों में कोयला या अंगीठी जलाने के खतरों की सख्त याद दिलाता है और मजदूरों की रहने की व्यवस्थाओं पर नए सवाल उठाता है।

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