बाराबंकी। एनएच-731 स्थित बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टोल संचालन एजेंसी एम/एस स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्रा. लि. का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। साथ ही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
NHAI अधिकारियों ने घटना को “गंभीर अनुबंध उल्लंघन और सार्वजनिक सुरक्षा के खिलाफ कृत्य” बताते हुए कहा कि टोल कर्मियों का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था। एजेंसी को एक वर्ष के लिए NHAI के किसी भी टेंडर में भाग लेने से प्रतिबंधित (डिबार) करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा जमा की गई ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
घटना 14 जनवरी को उस समय हुई जब प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला का टोल कर्मचारियों से विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। इस पर अधिवक्ताओं ने अगले दिन टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन कर संचालन ठप करा दिया था। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अब तक तीन टोलकर्मियों को गिरफ्तार किया है।
NHAI ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी तरह की अभद्रता, हिंसा या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी टोल प्लाजा पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
