मुज़फ्फरनगर। जिले में बुनियादी ढांचा निर्माण से जुड़े कार्यों पर उठ रहे प्रश्नों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट सुमित मलिक का कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। मलिक का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधीन बनाई गई तीन सड़कों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी, घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और वित्तीय गड़बड़ी जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं, परंतु शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अनशन पर बैठे सुमित मलिक ने कहा कि इस मामले को लेकर तैयार की गई जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपी जा चुकी है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया, जबकि यह रिपोर्ट जनता के धन और विकास कार्यों से जुड़ा मसला है। उनका कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते जांच प्रक्रिया धीमी पड़ी हुई है।
तीसरे दिन तक भोजन त्यागने के कारण मलिक के स्वास्थ्य में कमजोरी महसूस होने लगी, जिसको लेकर समर्थकों ने चिंता जताई। धरना स्थल पर पीनना गांव के ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और युवा कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। समर्थकों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन से स्पष्ट चेतावनी स्वर में कहा है कि यदि मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो इसे बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायत से जुड़े बिंदुओं की जांच जारी है और संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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