लखनऊ, 3 फरवरी 26। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मतदाता नामावली के पुनरीक्षण कार्य पर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं जिनमें नागरिकों के नाम बिना पूर्व सूचना मतदाता सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नाम विलोपन से जुड़े प्रपत्रों का दुरुपयोग किया जा रहा है और कई मतदाताओं को यह तक जानकारी नहीं है कि उनके नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार यह स्थिति लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि मताधिकार नागरिक की मूल भागीदारी का आधार है।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नाम से अनेक आवेदन दिए जाने की जानकारी मिली है, जो पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक आवेदन की पृथक पहचान सुनिश्चित की जाए और संबंधित मतदाता से प्रत्यक्ष सत्यापन के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष जाँच कराने तथा जिन क्षेत्रों से अधिक शिकायतें आई हैं वहाँ विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो उनकी पार्टी न्यायिक मार्ग अपनाने से पीछे नहीं हटेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पूर्व मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण विषय होता है। ऐसे में उठे आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की त्वरित और स्पष्ट प्रतिक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जा रही है।

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