उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र से मनरेगा प्रणाली को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सक्रिय विधायक और उनकी पत्नी के बैंक खातों में मनरेगा के तहत भुगतान होता रहा, जबकि वे योजना के पात्र लाभार्थी नहीं हैं।
जानकारी के मुताबिक विधायक दुर्गेश्वर लाल और उनकी पत्नी निशा के नाम पर पहले से दर्ज जॉब कार्ड के जरिए वर्ष 2021 के बाद से लगातार भुगतान होता रहा। इन खातों में करीब 17 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर हुई, जो रेक्चा गांव में कराए गए 11 विकास कार्यों से जुड़ी बताई जा रही है।
मामला सार्वजनिक होते ही ग्रामीण विकास विभाग में हड़कंप मच गया। खंड विकास अधिकारी बृजमोहन बिंजोला ने पुष्टि की कि संबंधित जॉब कार्ड को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। साथ ही खाते में गई राशि को वापस सरकारी खाते में जमा कराने की कार्रवाई चल रही है।
प्रशासन का कहना है कि यह मामला सिस्टम की लापरवाही या स्तर पर हुई गलती का परिणाम हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। उधर विधायक ने इसे राजनीतिक रूप से उछाला गया विषय बताते हुए कहा है कि यदि कोई त्रुटि हुई है तो उसे सुधारा जाना चाहिए।
