मुज़फ्फरनगर। तहसील परिसर में उस समय माहौल गरमा गया जब अधिवक्ताओं ने राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में सामूहिक धरना शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप है कि सामान्य राजस्व कार्यों में भी “सुविधा शुल्क” की मांग की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन उपाध्याय ने कहा कि दाखिल-खारिज, नामांतरण और प्रमाण पत्र जैसे नियमित कार्य भी बिना अतिरिक्त भुगतान के समय पर नहीं हो पा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने एक हालिया मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक सेवानिवृत्त लेखपाल पर धन लेने का आरोप लगा था। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों की ओर इशारा करती हैं।
वहीं, खतौली की उपजिलाधिकारी निकिता शर्मा ने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
दिनभर चले प्रदर्शन के कारण तहसील में कार्य प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में वादकारी इंतजार करते दिखाई दिए।
