मुजफ्फरनगर। विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मुजफ्फरनगर से सामने आई यह खबर चेतावनी है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो भारत के युवाओं को विदेश नौकरी का झांसा देकर उन्हें साइबर गुलामी में धकेल रहा था। पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो आरोपियों — आश मोहम्मद (ग्राम तावली) और जावेद (खतौला, थाना शाहपुर) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आश मोहम्मद खुद को ट्रैवल एजेंट बताकर युवाओं से संपर्क करता था। कंप्यूटर, टाइपिंग या अंग्रेजी की सामान्य जानकारी रखने वाले युवाओं को चुना जाता और कंबोडिया भेज दिया जाता था। वहां पहुंचते ही उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में लेकर उन्हें फर्जी कॉल सेंटर, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों में जबरन शामिल किया जाता था। मना करने पर मारपीट और दूसरे गिरोहों को सौंपने की धमकी दी जाती थी।
पूछताछ में यह भी पता चला कि कंबोडिया में बैठे नेटवर्क के सदस्य प्रति युवक करीब पचास हजार रुपये तक का कमीशन देते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फरार नेटवर्क की तलाश जारी है और पुलिस अन्य पीड़ितों से संपर्क कर रही है।
