मुजफ्फरनगर। पीढ़ियों से चूल्हे की आग पर पकता आ रहा मुजफ्फरनगर का गुड़ अब सरकारी पहचान के साथ देश-दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ेगा। एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जिले के गुड़ को जीआई टैग प्रदान किया गया है, जो इसकी शुद्धता, परंपरा और गुणवत्ता का प्रमाण है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की उपायुक्त जैस्मिन ने जानकारी देते हुए बताया कि जीआई टैग मिलने से किसी भी उत्पाद को सामूहिक बौद्धिक संपदा का दर्जा मिल जाता है। इसका अर्थ है कि उस नाम और पहचान का अधिकार केवल उसी क्षेत्र के उत्पादकों के पास रहता है।
उन्होंने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से उत्तर प्रदेश के 77 उत्पादों को अब तक जीआई टैग मिल चुका है। मुजफ्फरनगर का गुड़ इस सूची में शामिल होकर जिले की कृषि और कुटीर उद्योग परंपरा को नई ऊंचाई देगा। इससे गुड़ उत्पादकों को बेहतर दाम, नए बाजार और निर्यात के अवसर मिलेंगे।
प्रशासन ने जिले के सभी गुड़ उत्पादकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे जीआई टैग के अंतर्गत पंजीकरण कराएं और वैक्यूम पैकेजिंग जैसी आधुनिक तकनीक अपनाकर मुजफ्फरनगर के गुड़ को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करें। जानकारी के लिए जिला उद्योग केंद्र, सूजडू औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में संपर्क किया जा सकता है।
