मुज़फ्फरनगर। कड़ाके की ठंड और लगातार बढ़ती शीतलहर के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने राहत एवं संरक्षण व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने देर रात रेलवे स्टेशन परिसर, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख स्थलों पर निरीक्षण अभियान चलाया।
सबसे पहले एडीएम ने रेलवे स्टेशन स्थित रैन बसेरे में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं — कंबल, बिस्तर, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और ताप संरक्षण सिस्टम — की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि
“कोई भी असहाय, निराश्रित या यात्री ठंड के कारण जोखिम में न पड़े — यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
निरीक्षण के दौरान उन्होंने खुले में सो रहे यात्रियों से बातचीत की, शीतलहर के खतरों से अवगत कराया तथा उन्हें रैन बसेरे में रुकने के लिए प्रेरित किया। प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही लोगों को सुरक्षित आश्रय तक पहुँचाया।
इसके बाद एडीएम गजेन्द्र कुमार बस स्टैंड, चौराहों और अलाव स्थलों पर पहुँचे। वहां उपस्थित लोगों से संवाद कर उन्होंने अलाव की निरंतरता, ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता और सुरक्षा घेरा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एडीएम ने अधिकारियों को रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बिस्तर और कंबल की व्यवस्था तथा रात में गश्त बढ़ाने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश, एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी, अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई व्यक्ति ठंड से प्रभावित अवस्था में दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते उसे सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा सके।
