
बिजनौर के चाँदपुर क्षेत्र में रविवार को राज्य महिला आयोग की टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान मुज़फ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया पर गंभीर आरोप सामने आए। शिकायत थी कि एक मकान में लंबे समय से मरीजों को इलाज और पर्चे दिए जा रहे थे। टीम के पहुंचते ही डॉ. तेवतिया अचानक चेंबर छोड़कर टॉयलेट में जाकर बंद हो गए, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारियों की शंका और गहराती चली गई।
कुछ देर बाद बाहर आने पर उन्होंने दावा किया कि वे केवल निजी मुलाकात के लिए आए थे और यहां किसी तरह की चिकित्सकीय गतिविधि नहीं कर रहे थे। वहीं आयोग की टीम का कहना है कि मरीजों से ₹300 लेकर सलाह दी जाती थी और पास की एक पैथोलॉजी से नियमित तालमेल भी पाया गया।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच में जुट गया है। मामला अब सरकारी मेडिकल सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
