मुज़फ़्फ़रनगर (उत्तर प्रदेश), जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नई मंडी थाना प्रभारी, निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा को एक आधिकारिक पत्र भेजा है, जिसमें प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला एक ऐसे गौवंश (गो-मांस) बिक्री जांच प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें समयबद्ध तरीके से आवश्यक रिपोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में नहीं पेश की जा सकी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह मानते हुए कहा कि थाना स्तर पर देरी रिपोर्ट प्रस्तुत करना न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है, और यह पुलिस नियंत्रण नियमों के प्रतिकूल है।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस को न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए, विशेषकर ऐसे मामलों में जहाँ न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। आदेश के अनुसार, SSP को यह रिपोर्ट भेजते हुए बताया गया है कि प्रभारी के खिलाफ समुचित विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
सूत्रों के अनुसार, SSP संजय कुमार वर्मा ने निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मामले की समीक्षा शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगे किसी भी थाने द्वारा रिपोर्टिंग और चार्जशीट प्रस्तुत करने में देरी न हो।
वहीं, थाना प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा ने कहा कि सभी प्रक्रियाओं का पालन हो रहा है, और यदि कोर्ट ने कोई सुधारात्मक निर्देश दिए हैं तो उनका सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय जांच से यदि किसी दोष की पुष्टि होती है तो वह सहयोग करेंगे।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और पत्रकार सर्किल ने मामले को गौर करने की आवश्यकता बताते हुए कहा है कि पुलिस-न्यायालय के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, ताकि कानून लागू करने वाली एजेंसियों की विश्वसनीयता बनी रहे।
