मुज़फ़्फ़रनगर। 29 दिसंबर 2025 नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित वसुंधरा रेजिडेंसी फेस-3 कॉलोनी में सोमवार शाम एक भयावह हादसे ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया, जब एक मकान के दूसरे तल पर रखे घरेलू एलपीजी सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि देखते-ही-देखते आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान अमित गौड़ पुत्र स्व. हरिराम (लगभग 45 वर्ष), उनके छोटे भाई नितिन गौड़ (लगभग 40 वर्ष) तथा उनकी मां सुशीला देवी (लगभग 70 वर्ष) के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से जनपद शामली का रहने वाला बताया जा रहा है और फिलहाल वसुंधरा रेजिडेंसी के फ्लैट में किराये पर रह रहा था। बताया गया कि अमित गौड़ देवबंद तहसील में कानूनगो के पद पर तैनात थे तथा नौकरी के सिलसिले में मुज़फ़्फ़रनगर आवागमन करते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल से पहले हल्का धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके कुछ ही क्षण बाद जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें खिड़कियों से बाहर तक दिखाई देने लगीं। आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए अंदर पहुँचने का प्रयास किया, किंतु धुएं और तेज़ गर्मी के कारण भीतर प्रवेश करना संभव नहीं हो पाया। इस दौरान एक युवक, जिसने भीतर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की, गंभीर रूप से झुलस गया। कॉलोनी में अचानक मची अफरा-तफरी के बीच लोगों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस बल तथा एसपी सिटी सहित अधिकारी दल मौके पर पहुँच गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग शांत होने के उपरांत जब कमरे की तलाशी ली गई तो तीनों परिजन जली अवस्था में मिले। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है तथा प्रशासन की ओर से आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कराई जा रही हैं।
शुरुआती जांच में आशंका व्यक्त की गई है कि पहले गैस रिसाव से आग लगी और उसके बाद सिलेंडर में धमाका हुआ। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्रित किए हैं और तकनीकी जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम व वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर ही हादसे के कारणों पर अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
हृदयविदारक घटना के बाद कॉलोनी के वातावरण में शोक और सन्नाटा व्याप्त है। पड़ोसियों ने इस हादसे को जीवन का सबसे भयावह दृश्य बताते हुए कहा कि सबकुछ कुछ ही क्षणों में समाप्त हो गया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
