मुज़फ़्फ़रनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया पर लगाए गए कथित आरोपों ने चिकित्सक समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। विभिन्न डॉक्टर संगठनों ने एकस्वर में कहा है कि डॉ. तेवतिया की कार्यशैली हमेशा पारदर्शी, अनुशासित और जनहित केंद्रित रही है, ऐसे में बिना ठोस प्रमाण के उन पर उंगलियाँ उठाना एक सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है।
डॉक्टर संगठनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में सुधार और सख्ती के कारण कई बार कुछ लोग व्यक्तिगत लाभ न मिलने पर आरोपों का हथियार बना लेते हैं। संगठनों ने स्पष्ट तौर पर आरोपों को पक्षपातपूर्ण, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बताया है। उनका कहना है कि ऐसे कदम न सिर्फ एक ईमानदार अधिकारी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाते हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर अनावश्यक अविश्वास भी पैदा करते हैं।
डॉक्टर संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच सामने आने तक किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी को प्रचारित न किया जाए। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि अफवाहों से दूर रहें और प्रमाण आधारित जानकारी पर ही भरोसा करें।

