मुज़फ्फ़रनगर: नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में मुज़फ्फ़रनगर की विशेष पॉक्सो अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए महिला सहित दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला जिले में बाल अपराधों के खिलाफ एक मजबूत कानूनी संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मामले में दोषी पाए गए हसन चौधरी (पुत्र आयूब) और शकीला (पत्नी रशीद) पर अदालत ने आरोप सिद्ध मानते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर एक नाबालिग की जिंदगी को गहरी चोट पहुंचाई। अभियोजन के अनुसार, न केवल दुष्कर्म किया गया बल्कि अपराध का वीडियो बनाकर अपराध की गंभीरता को और बढ़ाया गया।
कोर्ट ने सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायाधीश दिव्या भार्गव ने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में माफ नहीं किए जा सकते।
