गाज़ियाबाद, 3 फरवरी 26 — भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश की विजिलेंस टीम ने गाज़ियाबाद जिले के निवाड़ी थाने के प्रभारी को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह गिरफ्तारी योजनाबद्ध ट्रैप ऑपरेशन के दौरान की गई, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान जयपाल सिंह रावत के रूप में हुई है, जो निवाड़ी थाना क्षेत्र में तैनात थे। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी थाना प्रभारी ने एक स्थानीय व्यक्ति से पुराने मुकदमे में राहत दिलाने के नाम पर धन की मांग की थी।
शिकायत अबूपुर गांव निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई थी। उसने बताया कि मामले से नाम हटाने और पुलिस कार्रवाई धीमी करने के बदले SHO लगातार दबाव बना रहे थे। शिकायत मिलने के बाद मेरठ रेंज की विजिलेंस इकाई ने गोपनीय जांच शुरू की और साक्ष्य पुख्ता होने पर जाल बिछाया।
मंगलवार को तय योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने मोदीनगर क्षेत्र में आरोपी अधिकारी को नकदी सौंपी, पहले से तैनात टीम ने तुरंत दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। मौके से कथित रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
विजिलेंस विभाग ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में सख्ती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और थानों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा।
