शामली। वन विभाग द्वारा खेती योग्य भूमि को वन क्षेत्र बताते हुए नोटिस जारी किए जाने से शामली जिले के किसानों में भारी रोष है। कैराना और ऊन क्षेत्र के 32 गांवों के किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपनी जमीन बचाने की गुहार लगाई।
किसानों का आरोप है कि वे जिस भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे हैं, वह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और सभी राजस्व दस्तावेज उनके नाम दर्ज हैं। इसके बावजूद विभाग ने पुराने सरकारी अभिलेखों का हवाला देते हुए जमीन खाली करने जैसे नोटिस जारी कर दिए, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि नोटिस वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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