
शामली जिले के गोहरपुर गांव में निवास प्रमाण-पत्र जारी करने को लेकर गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल बिना किसी दस्तावेजी सत्यापन और बिना आवेदक की उपस्थिति के ही प्रमाण-पत्र जारी कर रहा है। कहा जा रहा है कि ग्राम प्रधान के लेटर पैड पर साधारण अनुशंसा भर से कई लोगों को “मूल निवासी प्रमाण-पत्र” मिल गया, जबकि उनमें से कुछ गांव में रहते भी नहीं हैं।
किसान नेता संजय राठी ने इस मामले को जिला प्रशासन के सामने उठाते हुए कहा कि यदि प्रमाण-पत्र बिना जांच जारी होंगे, तो फर्जी निवास पहचान बनाना बेहद आसान हो जाएगा और सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग बढ़ेगा। उन्होंने सभी संदिग्ध प्रमाण-पत्रों की तत्काल समीक्षा और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए गए व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएँ न दोहराई जाएँ
