नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर तुरंत चर्चा की मांग उठाई, जबकि सरकार ने सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील की। दोनों पक्षों के तीखे तेवरों के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सत्र “जनहित और विकास के मुद्दों पर सार्थक बहस” के लिए होना चाहिए, लेकिन विपक्ष सरकार को घेरने के मूड में दिखाई दिया। विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, जनकल्याण योजनाओं, मतदाता सूची सुधार तथा हाल की कई घटनाओं पर चर्चा की मांग करते हुए सदन में शोरगुल किया।
सुरक्षा की दृष्टि से संसद परिसर में इस बार विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। करीब 3300 से अधिक प्रशिक्षित जवानों को बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात किया गया है। पिछले कुछ महीनों में संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बाद CISF ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया है।
सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है, जबकि विपक्ष ने संकेत दिया है कि बिना चर्चा और जवाबदेही के कोई भी विधेयक आसानी से पास नहीं होने दिया जाएगा। पहले ही दिन का तेज हंगामा इस बात का संकेत है कि पूरा सत्र काफी गरम रहने वाला है।

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