शामली / एलम। हाई-टेंशन लाइन को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग को लेकर चले नौ दिवसीय धरने के समापन के बाद उठे तिरंगे के कथित अपमान विवाद को लेकर मंगलवार को एलम कस्बे के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। पूर्व चेयरमैन दीपा पंवार के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर कहा कि धरने के दौरान तिरंगे के अपमान का आरोप भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि धरना शांतिपूर्ण रहा और किसी भी मंच पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि नगर पंचायत कार्यालय एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की तकनीकी जांच कर सत्यता सार्वजनिक की जाए। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने वातावरण बिगाड़ने के उद्देश्य से शिकायत दर्ज कराई, जिससे क्षेत्र में अनावश्यक तनाव पैदा हुआ।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में आरोप गलत पाए जाते हैं तो झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी सामाजिक आंदोलन को बदनाम न कर सके।
अधिकारियों ने प्रकरण की समीक्षा का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी तथ्यों को जांच के दायरे में लिया जाएगा। दूसरी ओर, ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सच्चाई सामने लाना और इलाके में शांति-सौहार्द बनाए रखना है।
