नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक चर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में नियमित जमानत प्रदान कर दी गई है। इससे पहले उन्हें इसी प्रकरण में अंतरिम जमानत मिली हुई थी, जिसे अब स्थायी रूप दे दिया गया है।
अब्बास अंसारी, दिवंगत बाहुबली-नेता मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं। उन पर आरोप है कि वे संगठित अपराध से जुड़े एक मामले में शामिल रहे, जिसके आधार पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अंतरिम जमानत के दौरान उन्होंने न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया।
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नियमित जमानत मिलने के बावजूद अब्बास अंसारी को जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा। साथ ही उन्हें गवाहों को प्रभावित न करने और कानून-व्यवस्था से जुड़े किसी भी कृत्य से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।
इस फैसले को अब्बास अंसारी के लिए कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि जमानत का यह आदेश मुकदमे के अंतिम परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा और मामला कानून के अनुसार आगे बढ़ता रहेगा।
