मुज़फ़्फ़रनगर, 3 फ़रवरी 26 । मुजफ्फरनगर जनपद में बिना वैध अनुमति संचालित हो रहे निजी चिकित्सालयों तथा कथित रूप से निरस्त शैक्षणिक उपाधि वाले चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलकर व्यापक जाँच अभियान चलाने की अपील की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया को सौंपे ज्ञापन में कहा कि नगर व देहात क्षेत्रों में कई ऐसे चिकित्सालय संचालित होने की चर्चा है जिनकी मान्यता संदिग्ध बताई जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर ऐसे लोग उपचार कर रहे हैं जिनकी चिकित्सकीय योग्यता पर पहले ही प्रश्न उठ चुके हैं। संगठन ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।
ज्ञापन देने वालों में संगठन संयोजक नरेंद्र पवार सहित कई स्थानीय पदाधिकारी शामिल रहे। उन्होंने मांग की कि पूरे जनपद में विशेष अभियान चलाकर चिकित्सालयों के पंजीकरण, चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता तथा अनुमति संबंधी अभिलेखों की जांच की जाए। यदि कहीं अनियमितता पाई जाए तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जाँच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर निजी चिकित्सालयों के अभिलेखों की समीक्षा की जाएगी। बिना वैध अनुमति चिकित्सा सेवा देने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
