मुजफ्फरनगर, 17 जनवरी 2026। जनपद के आईटीआई सभागार में जिला प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्री कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सीडीओ ने अपने संबोधन में कहा कि यह मंच प्रशासन और व्यापारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए बनाया गया है, ताकि व्यापार से जुड़ी समस्याओं को समझकर उनका व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है कि व्यापार पारदर्शी, आधुनिक और तकनीक आधारित हो। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुजफ्फरनगर अब केवल गन्ना और गुड़ का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से उभरता हुआ व्यापारिक और औद्योगिक शहर बन रहा है। उन्होंने रोजगार सृजन में व्यापारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उद्योग और व्यापार किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान राज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा जीएसटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। सहायक आयुक्त सारिका सिंह ने जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया, जबकि राज्य कर अधिकारी सुधीर कुमार ने रिटर्न दाखिल करने तथा टीडीएस/टीसीएस व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उपायुक्त अयोध्या प्रसाद ने जीएसटी 2.0 सुधारों से व्यापारियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी, वहीं राज्य कर अधिकारी मोहम्मद दानिश ने समाधान योजना के प्रावधानों को स्पष्ट किया। सहायक आयुक्त सुदीप कुमार श्रीवास ने मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की उपयोगिता बताई और सहायक आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने ईंट भट्टा क्षेत्र से जुड़े कर नियमों तथा राजस्व प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य संवाद सत्र में संयुक्त आयुक्त सिद्धेश चंद्र दीक्षित ने व्यापारियों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी शिकायतों व सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया, जबकि अन्य समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का भरोसा दिया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में उपायुक्त प्रशासन शोभित श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी करदाताओं, व्यापारी संगठनों, अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और उद्योग प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपर आयुक्त ग्रेड-2 (अपील) अरुण कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त सिद्धेश चंद्र दीक्षित सहित राज्य कर विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, आईआईए और एफएमसीआई के पदाधिकारी, भट्टा यूनियन, गुड़-खांडसारी संघ, विभिन्न व्यापार मंडलों, टैक्स बार एसोसिएशन तथा सीए यूनियन के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

