लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन से जुड़ी बड़ी राहत सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) द्वारा जारी नई ‘कॉस्ट डाटा बुक-2025’ के लागू होते ही नए कनेक्शन की कुल लागत में कमी आ गई है।
सबसे बड़ा परिवर्तन स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की कीमत में हुआ है। पूर्व में सिंगल-फेज मीटर की लागत छह हजार रुपये से अधिक पड़ती थी, जबकि अब संशोधित दर लगभग 2,800 रुपये तय की गई है। इसी प्रकार थ्री-फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत घटाकर लगभग 4,100 रुपये कर दी गई है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इससे उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तक राहत मिलेगी।
एस्टीमेट व्यवस्था समाप्त — फिक्स चार्ज पर कनेक्शन
पहले खंभा, तार, ट्रांसफार्मर व निर्माण कार्य के नाम पर अलग-अलग अनुमान तैयार होते थे, जिससे राशि बढ़ जाती थी। नई नीति के तहत 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 300 मीटर दूरी तक अतिरिक्त निर्माण व्यय नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ता निर्धारित फिक्स चार्ज जमा करेगा और लाइन-मीटर की तकनीकी व्यवस्था विभाग स्वयं कराएगा।
गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए रियायतें
नियामक आयोग ने बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए प्रोसेसिंग / सिक्योरिटी राशि में छूट तथा मीटर लागत को आसान किश्तों में जमा करने का विकल्प देने की सिफारिश की है। इससे ग्रामीण व शहरी गरीब परिवारों को सीधे लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
पूर्व दरों पर मीटर लेने वालों का भी हित संरक्षण
सितंबर 2025 के बाद पुराने ऊंचे दरों पर स्मार्ट मीटर स्थापित कराने वाले उपभोक्ताओं की अतिरिक्त भुगतान राशि के समायोजन/वापसी पर भी विचार किया जा रहा है।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य कनेक्शन प्रक्रिया को सरल, सुलभ और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना है, ताकि आम उपभोक्ता बिना अतिरिक्त खर्च के सुगमता से बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सके।
