लखनऊ। महिलाओं की सुरक्षा, सहायता एवं सशक्तिकरण को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन शक्ति केंद्रों के विस्तार और आधुनिकीकरण की बड़ी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुए विचार-विमर्श के बाद तैयार प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के लगभग 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को अतिरिक्त संसाधनों से लैस किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक केंद्र को चार चार-पहिया स्कूटी और एक मोबाइल हैंडसेट उपलब्ध कराने की तैयारी है। इन साधनों का उपयोग केंद्र से जुड़े फील्ड-स्टाफ, काउंसलिंग टीमों और महिला हेल्प डेस्क कर्मियों द्वारा किया जाएगा, ताकि शिकायत मिलने पर तुरंत मौके पर पहुँचकर सहायता दी जा सके। प्रस्ताव के अनुसार कुल 6400 स्कूटी और 1600 मोबाइल डिवाइस खरीदे जाएंगे, जिन पर निर्धारित बजट के अंतर्गत व्यय किया जाएगा।
मिशन शक्ति केंद्र वर्तमान में महिलाओं को
✔ शिकायत पंजीकरण
✔ कानूनी मार्गदर्शन
✔ परामर्श एवं मनो-सहायता
✔ पुलिस व प्रशासनिक समन्वय
जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से—
• फील्ड विज़िट नियमित होंगी
• ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच मजबूत होगी
• शिकायतों पर प्रतिक्रिया समय घटेगा
• पीड़ित महिलाओं से सीधा संवाद संभव होगा
सरकार का लक्ष्य है कि मिशन शक्ति नेटवर्क को तकनीकी और संसाधन दोनों स्तरों पर सशक्त कर महिला सुरक्षा तंत्र को राज्यव्यापी रूप से और अधिक परिणामकारी बनाया जाए।
