मेरठ (उत्तर प्रदेश)। कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की नृशंस हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में पुलिस जांच ने अब साइबर अपराध की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। मुख्य आरोपी पारस को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
रूबी ने अदालत और पुलिस को दिए बयान में सनसनीखेज खुलासा किया है। उसके अनुसार आरोपी ने काफी समय पहले उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और मैसेजिंग ऐप्स तक अनधिकृत पहुंच बना ली थी। इसी हैकिंग के जरिए वह उसकी निजी जानकारी हासिल करता रहा और मानसिक दबाव बनाता रहा।
रूबी का कहना है कि आरोपी ने उसकी निजी बातचीत और तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी दी थी, जिससे वह डर गई और किसी से कुछ कह नहीं सकी। घटना वाले दिन जब उसकी मां सुनीता को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपी बौखला गया और धारदार हथियार से हमला कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी रूबी को जबरन अपने साथ लेकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों को हरिद्वार क्षेत्र से बरामद किया। जांच अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया लॉग्स की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस संकेत दे रही है कि हत्या और अपहरण के साथ-साथ आईटी एक्ट व साइबर अपराध से जुड़ी गंभीर धाराएं भी मुकदमे में जोड़ी जा सकती हैं। यह मामला अब केवल हत्या नहीं, बल्कि डिजिटल अपराध और सामाजिक सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल बन गया है।
