मुजफ्फरनगर के खेड़ी दूधाधारी गांव में एक गरीब परिवार का निर्माणाधीन घर अचानक गिरा दिए जाने से हड़कंप मच गया। पीड़ित कमल कुमार प्रजापति ने बताया कि वह 200 गज के प्लॉट पर अपना छोटा सा मकान बना रहा था, तभी गांव के लेखपाल ने बिना किसी नोटिस और जांच के मौके पर बुलडोजर मंगवाकर पूरा ढांचा तुड़वा दिया। कमल का आरोप है कि लेखपाल लंबे समय से उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था और रकम न देने पर कार्रवाई की धमकी दे चुका था।
घर टूटने का विरोध करने पर कमल और उसके भाई को पुलिस चौकी ले जाकर कई घंटों तक बैठाए रखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। लोगों का कहना है कि बिना नियमों के किसी गरीब का घर गिराना सीधी ज्यादती है।
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और यह स्पष्ट करने को कहा है कि किस अधिकार से उसने बुलडोजर चलवाया। जांच टीम गांव में तथ्यों की पुष्टि कर रही है और पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की है।

