मुज़फ़्फ़रनगर (उत्तर प्रदेश) — जिले के चरथावल ब्लॉक स्थित सिंगलपुर गाँव आज एक संवेदनशील और दुर्भाग्यपूर्ण घटना का साक्षी बना, जहाँ भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर ‘चाइनीज़ मांझे’ में फंसने से गंभीर रूप से घायल हुआ और कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
घटना रविवार सुबह तब सामने आई, जब खेत पर कुछ ग्रामीणों ने एक मोर को दर्दनाक हालत में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि पतंग उड़ाते समय उपयोग किये जाने वाले नुकीले और जल्दी कटने वाले “चाइनीज़ मांझे” उसके पंखों, गर्दन और पैरों के चारों ओर कसते हुए घायलों को और उलझा रहे थे। ग्रामीणों ने तुरंत मोर को बाहर निकाला और स्थानीय पशु चिकित्सालय तक पहुँचाया।
पशु चिकित्सक डॉ. विनीत कुमार के अनुसार, मोर पर गहरे घाव थे और अत्यधिक रक्तस्राव चल रहा था। तत्काल प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और दिनभर संघर्ष के बाद उसकी मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे और मृत पक्षी के साथ औपचारिक मुर्दाघाट अंतिम संस्कार किया गया। अधिकारी अजय त्रिपाठी ने कहा, “राष्ट्रीय पक्षी की हत्या केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह खतरनाक पतंग धागों के उपयोग से होने वाली मौतों की लंबी कड़ी का एक और दर्दनाक उदाहरण है।”
ग्रामीणों तथा पशु प्रेमियों ने घटना के बाद खतरनाक पतंग मांझों के उपयोग पर रोक लगाने और जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
स्थानीय निवासी सीमा वर्मा कहती हैं, “हम नियमित रूप से बच्चों को पतंग उड़ाना सिखाते हैं, पर यह त्रासदी हमारी आँखें खोल देती है कि कितनी छोटी लापरवाही जीवन ले लेती है।”
इस घटना ने वन विभाग व प्रशासन को भी पुनः खतरनाक पतंग धागों पर कटारसी कदम उठाने की ओर धकेल दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी से बचा जा सके।
