मुज़फ़्फ़रनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में कॉलेज प्राचार्य प्रदीप कुमार को मिली अंतरिम जमानत को लेकर शुक्रवार को जोरदार विरोध देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र, मृतक छात्र उज्ज्वल राणा के परिवारजन और किसान संगठनों के लोग कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस मामले ने पूरे जिले को हिला दिया था, उसमें मुख्य आरोपी को राहत दिया जाना न्याय व्यवस्था की गंभीर चूक है।
जैसे ही विरोध बढ़ा, भीड़ कलेक्ट्रेट से निकलकर अदालत परिसर की तरफ कूच कर गई। रास्ते भर लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए नारे लगाए। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने प्रदर्शन में शामिल होकर आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली राजनीतिक चेहरे मामले को मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जनता सब जानती है और समय आने पर जवाब देगी।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि प्राचार्य की जमानत याचिका में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया गया था। अदालत ने इस पर आपत्ति जताई है और अब मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को तय की गई है, जिसमें जमानत से जुड़े सभी बिंदुओं पर फिर से सुनवाई होगी।


