अंतरराष्ट्रीय डेस्क। अमेरिका द्वारा विदेश यात्रियों के लिए कड़े प्रवेश नियम लागू किए जाने के बाद पश्चिम अफ्रीका के दो देशों — माली और बुर्किना फ़ासो — ने अमेरिकी नागरिकों के अपने देशों में आने पर प्रतिबंध लगाने का औपचारिक ऐलान किया है। दोनों सरकारों ने इसे अमेरिका के निर्णय के प्रति ‘पारस्परिक प्रतिक्रिया’ (Reciprocal Action) बताया है।
घोषणा के अनुसार, यह प्रतिबंध दिसंबर 2025 के अंत से प्रभावी माना गया है और अब इन देशों में प्रवेश करने वाले अमेरिकी नागरिकों को वीज़ा मंजूरी, सुरक्षा जांच और यात्रा परमिट से जुड़े अतिरिक्त नियमों का सामना करना होगा।
दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि जब किसी देश के नागरिकों के लिए प्रवेश नियम सख्त किए जाते हैं, तो समान कूटनीतिक रुख अपनाना हमारी नीति का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका द्वारा अफ्रीका और एशिया के कई देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा एवं प्रवेश नियम कड़े करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया। कूटनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कदम से दोनों पक्षों के बीच यात्रा और राजनयिक संबंधों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल, प्रतिबंध से सरकारी अधिकारियों, विशेष मिशन यात्राओं और आपात मानवीय यात्रा को कुछ मामलों में छूट दी जा सकती है, हालांकि अंतिम दिशा-निर्देश संबंधित देशों द्वारा बाद में जारी किए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला आने वाले समय में
वीज़ा नीतियों, सुरक्षा मानकों और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।
