प्रयागराज | प्रयागराज के माघ मेले में जहां वसंत पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रही थी, वहीं संत समाज से जुड़ा एक अलग दृश्य भी सामने आया। मेला क्षेत्र में धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्होंने वसंत पंचमी के पावन स्नान से स्वयं को अलग रखा।
सूत्रों के अनुसार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले कई दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। इसी दौरान उनकी तबीयत में गिरावट दर्ज की गई। तेज बुखार, कमजोरी और थकान की शिकायत के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी। इसी कारण वे अपने शिविर से बाहर नहीं आए और संगम स्नान नहीं कर सके।
धरने की पृष्ठभूमि मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहा विवाद है। मामला उनके धार्मिक पद, पहचान और मेला व्यवस्था से जुड़े कुछ प्रशासनिक निर्देशों को लेकर है। स्वामी पक्ष इसे आस्था और सम्मान से जुड़ा विषय बता रहा है, जबकि प्रशासन नियमों के पालन की बात कह रहा है।
स्वामी के स्नान न करने की सूचना मिलते ही उनके अनुयायियों में चिंता देखी गई। बड़ी संख्या में समर्थक उनके शिविर के आसपास जुटे रहे और स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे। वहीं, मेला प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए कहा कि संतों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है।
इस पूरे घटनाक्रम ने माघ मेले में एक नया विमर्श खड़ा कर दिया है, जहां धार्मिक परंपरा, प्रशासनिक व्यवस्था और व्यक्ति की सेहत — तीनों एक साथ केंद्र में आ गए हैं। आने वाले दिनों में बातचीत से समाधान निकलता है या धरना और लंबा खिंचता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
