नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सोमवार रात हुए एक विरोध प्रदर्शन ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि साबरमती ढाबा के पास आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय वसंत कुंज नॉर्थ थाना को औपचारिक शिकायत भेजी है और दोषी छात्रों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और सामाजिक सौहार्द के लिए घातक हैं।
JNU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन नफरत फैलाने, कानून व्यवस्था को चुनौती देने या देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बयान में यह भी कहा गया है कि पहचान किए गए छात्रों के खिलाफ आंतरिक जांच, निलंबन, निष्कासन या स्थायी प्रतिबंध जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम पर छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उनका कहना है कि प्रशासन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर रहा है। वहीं, प्रशासन ने दोहराया है कि परिसर में अनुशासन और कानून सर्वोपरि है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर JNU में राजनीति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रशासनिक अनुशासन के बीच संतुलन को लेकर बहस को तेज कर दिया है।
