पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की मांग एक बार फिर उग्र रूप ले चुकी है। लंबे समय से न्यायिक सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे वकीलों ने अब आंदोलन को नए चरण में प्रवेश करा दिया है। जिला बार एसोसिएशनों के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने घोषणा की है कि 26 नवंबर को क्षेत्र के सांसदों के आवासों के बाहर धरना दिया जाएगा, जबकि 17 दिसंबर को पूरे पश्चिमी यूपी में पूर्ण कार्यबहिष्कार और बंद का आह्वान किया गया है।
वकीलों का कहना है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की दूरी और खर्च गरीब व मध्यमवर्गीय लोगों के लिए न्याय पाना लगभग असंभव बना देता है। लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र को वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि लगातार अनदेखी से जनता में असंतोष बढ़ रहा है और अब आंदोलन को जन समर्थन भी मिलने लगा है।

