मेरठ। सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। शुक्रवार को नगीना सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद प्रशासनिक रोक के बावजूद गांव पहुंच गए।
प्रशासन को आशंका थी कि सांसद के पहुंचने से माहौल बिगड़ सकता है, इसी कारण गाजियाबाद के यूपी गेट पर भारी पुलिस बल तैनात कर उनके काफिले को रोक दिया गया। सांसद की एस्कॉर्ट को वहीं रोक लिया गया, लेकिन इसके बाद सांसद ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए वैकल्पिक मार्ग चुना और बाइक व ग्रामीण रास्तों से होते हुए कपसाड़ गांव में प्रवेश कर लिया।
गांव पहुंचने पर उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली। मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी अपहृत बच्ची को अब तक क्यों नहीं ढूंढा जा सका।
सांसद ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मौके पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी गई।

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