बागपत। जिले की मशहूर पारंपरिक मिठाइयों—बालूशाही और छुआरे के लड्डू—को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों उत्पादों को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बागपत की इन मिठाइयों की खासियत और पारंपरिक विधि को सुरक्षित रखने के लिए GI टैग बेहद जरूरी है। इससे एक ओर जहां इनका असली स्वाद और पहचान सुरक्षित रहेगी, वहीं बाजार में नकली उत्पादों की बिक्री पर रोक लगेगी। GI टैग मिलने के बाद स्थानीय मिठाई व्यवसायियों और कारीगरों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने रटौल आम के GI टैग के नवीनीकरण कार्य को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि जिले के गुड़, होम फर्निशिंग और रटौल आम पहले से ही GI टैग प्राप्त उत्पादों की सूची में शामिल हैं। अब बालूशाही और छुआरे के लड्डू को GI टैग मिलने से बागपत के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान और नए बाजार मिलने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group