बागपत। जनपद बागपत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन, शिक्षा जगत और आमजन—तीनों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक इंटर कॉलेज में कार्यरत शिक्षिका ने मानसिक उत्पीड़न और न्याय न मिलने से आहत होकर देश के सर्वोच्च पद पर आसीन द्रौपदी मुर्मू को अपने ही खून से पत्र लिखकर परिवार सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
✅कौन हैं शिक्षिका और कहां का मामला?
मामला बागपत जिले के खेड़ा क्षेत्र स्थित हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज से जुड़ा है। शिक्षिका का नाम निधि शर्मा बताया गया है, जो पिछले कुछ वर्षों से उक्त कॉलेज में अध्यापन कार्य कर रही हैं। निधि शर्मा का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन और एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
✅क्या हैं आरोप?
शिक्षिका के अनुसार—
उन्हें बार-बार अनावश्यक दबाव में रखा गया
चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं
शिकायत करने पर कार्रवाई के बजाय उन्हें ही डराने-धमकाने की कोशिश की गई
निधि शर्मा का कहना है कि उन्होंने स्थानीय थाना, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायत पत्र सौंपे, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
✅खून से पत्र लिखने की वजह
न्याय की उम्मीद टूटने के बाद शिक्षिका ने यह अत्यंत भावुक और खतरनाक कदम उठाया। उन्होंने अपने खून से राष्ट्रपति को पत्र लिखते हुए कहा कि जब कानून और प्रशासन उन्हें सुरक्षा नहीं दे पा रहा, तो उनके और उनके परिवार के पास जीने का कोई कारण नहीं बचा है।
✅कलेक्ट्रेट पर धरना, बढ़ा दबाव
सोमवार को शिक्षिका अपने परिजनों और समर्थकों के साथ बागपत कलेक्ट्रेट पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। धरने में सामाजिक संगठनों, शिक्षक संघों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर, निष्पक्ष जांच और शिक्षिका को सुरक्षा देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया।
✅अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया
जिलाधिकारी कार्यालय ने मामले की जांच के आदेश दिए
शिक्षा विभाग से भी रिपोर्ट तलब की गई है
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
✅बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि अगर एक शिक्षिका को न्याय पाने के लिए खून से पत्र लिखना पड़े, तो आम नागरिक की स्थिति क्या होगी? अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
बागपत में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: खून से लिखा पत्र, राष्ट्रपति से परिवार सहित इच्छा मृत्यु की गुहार
