प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आगामी चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए मतदाता सूची का विशेष सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। जांच के पहले चरण में कई अधिवक्ताओं के शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए, जिसके चलते करीब 120 वकीलों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 70 प्रतिशत दस्तावेज सही पाए गए हैं, जबकि शेष प्रमाणपत्र की जाँच जारी है। बार काउंसिल यह कोशिश कर रहा है कि मतदान प्रक्रिया में कोई ऐसा व्यक्ति शामिल न हो जिसके पास वैध कानून की डिग्री न हो। संदिग्ध डिग्री वाले अधिवक्ताओं की सूची बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेजी गई है ताकि आगे कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सके।
इस बार के चुनाव में करीब 2.49 लाख अधिवक्ता मतदाता होंगे, इसलिए काउंसिल हर स्तर पर दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। नामांकन 14 से 19 नवंबर तक, जांच 20–21 नवंबर को और नाम वापसी 27 नवंबर तक होगी। मतदान जनवरी में चार चरणों में संपन्न कराया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि फर्जी डिग्री वालों को किसी भी चरण में बख्शा नहीं जाएगा।
