नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 129वें एपिसोड में विदेशों में बसे भारतीय समुदाय द्वारा मातृभाषा और संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं के प्रति प्रेम अब वैश्विक पहचान का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा से जुड़ाव न केवल भावनात्मक शक्ति देता है, बल्कि यह समाज और आगामी पीढ़ियों को सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़ता है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई में संचालित ‘कन्नड़ा पाठशाला’ का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां एक भारतीय परिवार की पहल से बच्चों को कन्नड़ भाषा पढ़ने-लिखने और बोलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रह सकें। इसी क्रम में उन्होंने फिजी में आयोजित तमिल भाषा आधारित कार्यक्रमों का जिक्र किया, जहां बच्चों ने तमिल में कविताएं और भाषण प्रस्तुत किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय भाषाएं हमारी सामाजिक पहचान और वैचारिक परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने देश-विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय से अपील की कि वे भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाते रहें, ताकि भावी पीढ़ियों तक यह विरासत सशक्त रूप में पहुंच सके।
