मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। औद्योगिक प्रदूषण को लेकर बढ़ते जनआक्रोश और किसान के अर्धनग्न प्रदर्शन दबाव के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग हरकत में आ गया है। विभाग की टीम ने जिले की कई पेपर मिलों पर एक साथ छापेमारी कर प्रदूषण मानकों की जांच की।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गिरीश चंद्रा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में शाकुंभरी पल्प, तिरुपति बालाजी फाइबर्स, गर्ग डुप्लेक्स और सिद्धबली पेपर्स मिल समेत अन्य इकाइयों का निरीक्षण किया गया। टीम ने बॉयलर ईंधन, चिमनियों से निकलने वाले धुएं, एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम और अपशिष्ट निस्तारण की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया।
जांच के दौरान कुछ इकाइयों में नियमों के उल्लंघन की आशंका पर ईंधन के नमूने एकत्र कर लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें सीलिंग और जुर्माना भी शामिल है।
प्रदूषण विभाग का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए आगे भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।
