मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल क्षेत्र के गांव दूधली में एक भयावह अग्निकांड की घटना सामने आई, जहाँ एलपीजी गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद हुए विस्फोट ने एक परिवार को बेघर कर दिया।
गांव निवासी रमन कुमार पुत्र महेंद्र पाल के घर में उनकी पत्नी सुनीता देवी, मां कमलेश देवी, और दो बच्चे मौजूद थे। परिवार के अनुसार, रात का भोजन तैयार करते समय अचानक गैस की गंध तेज हुई। इससे पहले कि सिलेंडर बंद किया जा सके, आग भड़क उठी और जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी।
आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में रसोई से पूरा कमरा लपटों में घिर गया। रमन ने सूझबूझ दिखाते हुए पहले बच्चों और बुजुर्ग मां को बाहर निकाला। पड़ोसी सुरेश पाल और धर्मवीर सिंह भी मदद के लिए दौड़े और ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
हालांकि किसी को चोट नहीं आई, लेकिन घर का अधिकांश सामान — राशन, कपड़े, बिस्तर, लकड़ी का फर्नीचर, रसोई के बर्तन, दस्तावेज और कृषि से जुड़ा उपकरण — पूरी तरह जल गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से राहत सहायता की मांग की है। यह हादसा रसोई गैस के उपयोग में सावधानी बरतने की अहम सीख भी दे गया।
