मीरापुर नगर पंचायत में सरकारी वाहनों और मशीनरी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई सभासदों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि नगर पंचायत में मरम्मत के नाम पर सरकारी वाहन और उपकरण ठेकेदार की मिलीभगत से गायब कर दिए गए। शिकायत के अनुसार, नगर पंचायत की ई-रिक्शा, ट्रैक्टर-ट्राली, पानी का टैंकर और अन्य मशीनें ‘रिपेयर’ का बहाना बनाकर बाहर ले जाई गईं और बाद में इन्हें बेचने का शक गहराया है।
सभासदों का कहना है कि यह काम एक ठेकेदार फर्म के जरिए हुआ, जो लंबे समय से मरम्मत का ठेका संभाले हुए है। आरोप यह भी है कि नगर पंचायत में डीज़ल खपत बेवजह कई गुना बढ़ा दी गई, जिससे आर्थिक अनियमितता की आशंका और मजबूत हो गई है।
शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा है कि जो भी सच होगा, जांच में सामने आएगा। स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतज़ार है।
