मुजफ्फरनगर | 12 जनवरी 2026। जनपद में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालन में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत मानकों पर खरे न उतरने वाले जिले के कुल 32 जनसेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से उन सीएससी संचालकों में हड़कंप मच गया है, जो सरकारी नियमों और निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर केंद्र चला रहे थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे केवल वही सीएससी केंद्र संचालित किए जाएंगे, जो सरकार द्वारा तय सभी मानकों, ब्रांडिंग और पारदर्शिता की शर्तों को पूरा करेंगे।
सीएससी के जिला प्रबंधक सनी तोमर ने बताया कि कई केंद्रों पर अनिवार्य सीएससी बोर्ड (ब्रांडिंग) और सेवाओं की निर्धारित दरों की सूची (रेट चार्ट) प्रदर्शित नहीं थी। इसी आधार पर ऐसे केंद्रों को चिन्हित कर बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं के नाम पर की जा रही अतिरिक्त वसूली से बचाना और केवल वास्तविक व अधिकृत सीएससी केंद्रों की पहचान सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने सभी सीएससी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी केंद्र पर ब्रांडिंग या रेट चार्ट में लापरवाही पाई गई, तो बिना पूर्व सूचना के पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान से जनपद में सीएससी सेवाएं अधिक पारदर्शी होंगी और नागरिकों को निर्धारित दरों पर, बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
